टेस्ट में पहले दिन तिहरा शतक.. इतिहास में ये कारनामा करने वाला इकलौता बल्लेबाज, विकेट की भीख मांगते रहे गेंदबाज

Unique Cricket Records: टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में कई ऐसे रिकॉर्ड दर्ज हैं जिन्हें तोड़ना लगभग नामुमकिन माना जाता है। कुछ रिकॉर्ड इतने खास हैं कि समय के साथ उनका महत्व और बढ़ता ही जाता है। क्रिकेट का इतिहास जब भी पलटा जाता है, तो कुछ ऐसे आंकड़े सामने आते हैं जो किसी करिश्मे से कम नहीं लगते।

Test Mein Pehle Din Tihra Shatak Don Bradman- Unique Record 1930

इन्हीं अटूट रिकॉर्ड्स में एक ऐसा रिकॉर्ड भी शामिल है जिसे आज तक कोई बल्लेबाज छू तक नहीं पाया है। यह रिकॉर्ड है टेस्ट क्रिकेट में पहले दिन ही तिहरा शतक लगाने का। यह कारनामा 95 साल पहले हुआ था और आज भी दुनिया का कोई बल्लेबाज इस रिकॉर्ड के आसपास तक नहीं पहुंच सका है।

यह ऐतिहासिक उपलब्धि ऑस्ट्रेलिया के महान बल्लेबाज डॉन ब्रैडमैन ने साल 1930 में हासिल की थी। उस दिन गेंदबाजों की हालत ऐसी हो गई थी कि वे विकेट की भीख मांगते नजर आए।

1930 में बना था ये ऐतिहासिक रिकॉर्ड

साल 1930, स्थान था लीड्स का हेडिंग्ले मैदान और मुकाबला था ऑस्ट्रेलिया बनाम इंग्लैंड। इस मैच में डॉन ब्रैडमैन ने बल्लेबाजी का ऐसा नमूना पेश किया जिसे क्रिकेट इतिहास का सबसे महान प्रदर्शन माना जाता है।

ऑस्ट्रेलिया ने पहले बल्लेबाजी की और शुरुआत से ही ब्रैडमैन ने आक्रामक रुख अपनाया। उन्होंने तेज गति से रन बनाना शुरू किया और इंग्लैंड के गेंदबाजों को पूरी तरह दबाव में डाल दिया।

पहले सत्र में शतक, दूसरे सत्र में दोहरा शतक और दिन समाप्त होते-होते तिहरा शतक।

यह क्रिकेट इतिहास का सबसे अविश्वसनीय प्रदर्शन था।

पहले दिन का खेल खत्म होने तक डॉन ब्रैडमैन 309 रन बनाकर नाबाद लौटे थे। यह टेस्ट क्रिकेट इतिहास का पहला और अब तक का इकलौता मौका है जब किसी बल्लेबाज ने पहले दिन ही 300 से ज्यादा रन बनाए हों।

बिना छक्कों के ठोके 334 रन

आज के दौर में जब बल्लेबाज चौकों-छक्कों की मदद से तेजी से रन बनाते हैं, उस समय डॉन ब्रैडमैन ने क्लासिकल बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया था।

  • ब्रैडमैन ने अपनी पूरी पारी में एक भी छक्का नहीं लगाया।
  • उन्होंने 448 गेंदों पर 334 रन बनाए जिसमें 46 चौके शामिल थे।

यह बात इस पारी को और भी खास बना देती है क्योंकि बिना छक्कों के इतनी बड़ी पारी खेलना आज के दौर में लगभग असंभव माना जाता है।

यह पारी टेस्ट क्रिकेट इतिहास की सबसे महान पारियों में गिनी जाती है।

पहले दिन ही 566 रन तक पहुंची ऑस्ट्रेलिया

ब्रैडमैन की इस विस्फोटक बल्लेबाजी का असर पूरी टीम पर पड़ा।

ऑस्ट्रेलिया ने पहले दिन ही 566 रन बना दिए थे।

यह आंकड़ा उस समय के हिसाब से बेहद बड़ा था।

इंग्लैंड के गेंदबाज लगातार थकते गए लेकिन ब्रैडमैन का बल्ला रुकने का नाम नहीं ले रहा था।

यह टेस्ट क्रिकेट इतिहास के सबसे यादगार दिनों में से एक माना जाता है।

गेंदबाजों की हालत खराब

इस मैच में इंग्लैंड के गेंदबाजों के लिए यह दिन किसी बुरे सपने जैसा था।

ब्रैडमैन ने हर गेंदबाज की लाइन-लेंथ बिगाड़ दी।

गेंदबाजों ने कई रणनीतियां बदलीं लेकिन कोई भी सफल नहीं हुआ।

ब्रैडमैन ने मैदान के चारों ओर शॉट खेले और रन बनाते रहे।

ड्रॉ हुआ था मुकाबला

इतनी बड़ी पारी के बावजूद मैच का नतीजा ड्रॉ रहा।

ऑस्ट्रेलिया के 566 रन के जवाब में इंग्लैंड ने 391 रन बनाए।

इंग्लैंड की तरफ से वेली हेमंड ने शानदार शतक लगाया।

इसके बाद फॉलो-ऑन में इंग्लैंड ने 3 विकेट के नुकसान पर 95 रन बना लिए और मैच ड्रॉ घोषित कर दिया गया।

हालांकि मैच ड्रॉ रहा, लेकिन ब्रैडमैन ने इतिहास में अपना नाम दर्ज करवा दिया।

95 साल से कायम है रिकॉर्ड

डॉन ब्रैडमैन का यह रिकॉर्ड पिछले 95 सालों से कायम है।

कई महान बल्लेबाज आए और गए लेकिन कोई भी पहले दिन तिहरा शतक नहीं लगा सका।

  • ब्रायन लारा
  • वीरेंद्र सहवाग
  • क्रिस गेल
  • डेविड वार्नर

जैसे आक्रामक बल्लेबाज भी इस रिकॉर्ड के करीब नहीं पहुंच सके।

क्यों नहीं टूट पा रहा यह रिकॉर्ड

इस रिकॉर्ड के नहीं टूटने के पीछे कई कारण हैं

पहला कारण
आज के दौर में टेस्ट मैचों की गति अलग होती है

दूसरा कारण
पहले दिन विकेट ज्यादा चुनौतीपूर्ण होती है

तीसरा कारण
आधुनिक क्रिकेट में आक्रामक फील्डिंग

चौथा कारण
नई गेंद का फायदा गेंदबाजों को मिलता है

इन सभी कारणों की वजह से पहले दिन तिहरा शतक बनाना बेहद मुश्किल हो जाता है।

ब्रैडमैन का टेस्ट करियर

डॉन ब्रैडमैन का टेस्ट करियर भी बेहद शानदार रहा

  • मैच — 52
  • रन — 6996
  • औसत — 99.94
  • शतक — 29

यह औसत आज भी क्रिकेट इतिहास में सबसे ज्यादा है।

क्रिकेट इतिहास का सबसे महान बल्लेबाज

डॉन ब्रैडमैन को क्रिकेट इतिहास का सबसे महान बल्लेबाज माना जाता है।

उनके रिकॉर्ड आज भी कायम हैं और शायद आने वाले समय में भी कायम रहेंगे।

पहले दिन तिहरा शतक बनाना उनके करियर की सबसे खास उपलब्धियों में से एक है।

क्या कभी टूटेगा ये रिकॉर्ड

यह सवाल क्रिकेट प्रेमियों के मन में हमेशा रहता है।

हालांकि आधुनिक क्रिकेट में आक्रामक बल्लेबाजी बढ़ी है लेकिन फिर भी यह रिकॉर्ड टूटना बेहद मुश्किल नजर आता है।

टेस्ट क्रिकेट की परिस्थितियों को देखते हुए यह रिकॉर्ड लंबे समय तक कायम रह सकता है।

निष्कर्ष

टेस्ट क्रिकेट में पहले दिन तिहरा शतक लगाना एक ऐसा रिकॉर्ड है जो क्रिकेट इतिहास में हमेशा याद रखा जाएगा।

डॉन ब्रैडमैन ने 1930 में जो कारनामा किया था वह आज भी अटूट है।

95 साल बाद भी यह रिकॉर्ड कायम है और आने वाले समय में भी इसे तोड़ना बेहद मुश्किल नजर आता है।

FAQS: Unique Cricket Records

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प्रश्न 1: टेस्ट क्रिकेट में पहले दिन तिहरा शतक किसने लगाया?

उत्तर: डॉन ब्रैडमैन ने 1930 में इंग्लैंड के खिलाफ लगाया था।

प्रश्न 2: डॉन ब्रैडमैन ने कितने रन बनाए थे?

उत्तर: उन्होंने 334 रन की पारी खेली थी।

प्रश्न 3: पहले दिन ब्रैडमैन कितने रन पर नाबाद थे?

उत्तर: पहले दिन वह 309 रन पर नाबाद लौटे थे।

प्रश्न 4: क्या किसी और बल्लेबाज ने ऐसा किया है?

उत्तर: नहीं, अब तक कोई बल्लेबाज ऐसा नहीं कर पाया है।

प्रश्न 5: यह रिकॉर्ड कितने साल पुराना है?

उत्तर: यह रिकॉर्ड लगभग 95 साल पुराना है।

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